केदारेश्वर मंदिर सैलाना, जिला रतलाम, जलप्रपात आकर्षण का केंद्र...


स्टोरी हाइलाइट्स

केदारेश्वर महादेव- दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। धार्मिक होने के साथ-साथ यह जगह खूबसूरत और प्राकृतिक भी है। कुंड में स्नान कर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। यहां कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला लगता है। महाशिवरात्रि के दिन रात में यहां शिव की महाआरती की जाती है। 

सावन 2021: केदारेश्वर सैलाना मंदिर रतलाम जिले में स्थित है.

केदारेश्वर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी और सैलाना से 5 किमी दूर शिवगढ़ रोड पर स्थित है ये लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां साल भर सैलानी और पर्यटक आते रहते हैं। मंदिर परिसर में बरसात के मौसम में ऊंचाई से कुंड में गिरता एक झरना लोगों को अपनी ओर खींचता है।

यह ऐतिहासिक मंदिर विंध्य पर्वतमाला की सुरम्य और रमणीय पहाड़ियों के बीच शिवगढ़ रोड पर स्थित है। 1736 में, सैलाना के तत्कालीन राजा जयसिंह के शासनकाल के दौरान, मंदिर केदारेश्वर महादेव मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। 

तत्कालीन राजा दुलसिंह (1859-95) ने इस मंदिर और पानी की टंकी को बनाने में 1.5 लाख रुपये खर्च किए थे। वे शिव के विशेष भक्त थे। माना जाता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था। शिवलिंग के पास शंकर पार्वती, गणेश जी, हनुमान जी की मूर्तियां भी हैं।

यह पहली नजर में पर्यटकों को आकर्षित करता है। मंदिर के सामने एक विशाल जलकुंड में बारिश के दौरान ऊंचाई पानी गिरता है, ये इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा देता है। मंदिर के तीनों ओर दर्शनार्थियों के विश्राम स्थल है। यहां बने खंभे और छतरियां राजपूत काल की हैं। सावन और महाशिवरात्रि के महीने में मंदिर में दर्शनार्थियों का मेला लगता है।

केदारेश्वर महादेव- दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। धार्मिक होने के साथ-साथ यह जगह खूबसूरत और प्राकृतिक भी है। कुंड में स्नान कर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। यहां कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला लगता है। महाशिवरात्रि के दिन रात में यहां शिव की महाआरती की जाती है। 

Kedareshwar Mahadev Waterfall Sailana, Ratlam (MP)

 

 


 

पुराण डेस्क

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