नेताप्रतिपक्ष सिंघार ने इंदौर में शुरू किया वॉटर ऑडिट, कहा- ‘लोग अपना दर्द, अपनी पीड़ा खुलकर बता रहे'


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स्टोरी हाइलाइट्स

सिंघार ने मौके पर ही पानी के सैंपल लिए और उनकी जांच की, उन्होंने कहा कि इंदौर के कई इलाकों में अभी भी गंदा पानी सप्लाई हो रहा है..!!

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने बुधवार को इंदौर के मुस्लिम-बहुल मदीना नगर इलाके में वॉटर ऑडिट शुरू किया। उन्होंने गंदे पानी की शिकायतें सुनीं और निरीक्षण किया। सिंघार ने मौके पर ही पानी के सैंपल लिए और उनकी जांच की, उन्होंने कहा कि इंदौर के कई इलाकों में अभी भी गंदा पानी सप्लाई हो रहा है।

निरीक्षण के दौरान, स्थानीय लोगों ने सिंघार को बताया कि नल से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा है। सिंघार ने कहा, कि सरकार की नाकामी की वजह से मुझे खुद इंदौर में वॉटर ऑडिट शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हमें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई इलाकों में अभी भी गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जो बहुत गंभीर मामला है।

एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए सिंघार ने लिखा है, कि

इंदौर विधानसभा – 2 में गटर के पास से निकली पाइपलाइन भाजपा सरकार की घोर लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है। जिस क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ नेता व वर्तमान नगरीय प्रशासन मंत्री कई बार विधायक रहे हों, वहां की यह हालत शर्मनाक है। प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण कर रहा हूं लोग अपना दर्द, अपनी पीड़ा खुलकर बता रहे हैं। प्रदेश की जनता को सीवेजयुक्त पानी क्यों दिया जा रहा है? भाजपा सरकार आखिर करना क्या चाहती है?

उमंग सिंघार शहर के अलग-अलग इलाकों का दौरा करेंगे। यह दौरा खास तौर पर उन इलाकों को टारगेट करेगा जहां नगर निगम की तरफ से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। यह दौरा सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक चलेगा। इस दौरे के दौरान, वह सीधे नागरिकों से बातचीत करेंगे और पानी की स्थिति का जायजा लेंगे।

मंगलवार 6 जनवरी को मीडिया से बात करते हुए सिंघार ने इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेयर के ऑफिस में नोट गिनने की मशीन लगाई गई है। उन्होंने कहा कि वह पुष्यमित्र भार्गव को "जनता का मेयर" नहीं कह सकते, बल्कि उन्हें "रिश्वत देने वाला मेयर" कहना ज्यादा सही होगा।

सिंगार ने सवाल किया कि मेयर के ऑफिस में नोट गिनने की मशीन क्यों लगाई गई। क्या ठेकेदारों से कैश लिया जा रहा था या इसके पीछे कोई और वजह थी? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में सेंसिटिविटी की बहुत कमी है।

उमंग सिंघार ने कहा कि अगर इंदौर सच में एक साफ़ शहर होता, तो भागीरथपुरा में गंदा सीवेज का पानी पीने से लोगों की मौत नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 के आखिरी हफ़्ते में शुरू हुए वॉटर पॉल्यूशन स्कैम में 16 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं और हज़ारों नागरिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इसे कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही एडमिनिस्ट्रेटिव लापरवाही और देर से लिए गए फ़ैसलों का नतीजा बताया और सरकार से इसके लिए ज़िम्मेदार होने की मांग की।