भोपाल: अब प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों में वंदे मातरम के मूल पाठ के पूर्ण गायन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके लिये उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के निर्देश पर उच्च शिक्षा आयुक्त ने सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वंदे मातरम के पहले चरण के मुखड़ों का गायन होता है तथा दूसरे चरण के मुखड़े नहीं गाये जाते हैं क्योंकि दूसरे चरण में मां दुर्गा की स्तुति है। लेकिन अब दोनों चरणों के मुखड़ों के गायन का विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का संपूर्ण मूल पाठ बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित है, जो बांग्ला और संस्कृत के मिश्रण में है और मातृभूमि (भारत माता) की वंदना करता है, जिसमें उसकी सुंदरता, शक्ति और समृद्धिकरण का वर्णन है। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत रहा है और इसके पूरे पाठ में कई छंद हैं जो भूमि, देवी दुर्गा और चंडी के रूप में भारत माता का गुणगान करते हैं। उपन्यास आनंदमठ (1882) में इसका पहली बार प्रकाशन हुआ था और वर्ष 1896 में कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार इसे गाया था।
डॉ. नवीन आनंद जोशी