इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से अबतक 17 घरों के चिराग बुझ चुके है, कई लोगों की जिंदगियां दांव पर लगी है।
इस बीच कांग्रेस नेता जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस नेताओं ने भागीरथपुरा जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर दर्द साझा किया।
पीड़ित परिजनों से मुलाकात के बाद, जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर तीखा वार किया। PCC चीफ ने X पर मुलाकात का वीडियो पोस्ट कर लिखा –"सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते गंदा पानी पीने से इन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है। इससे अधिक दुखद और कुछ नहीं हो सकता। क्या प्रदेश में ऐसे ही निर्दोष लोग भाजपा के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे?" जीतू पटवारी ने आगे लिखा-डॉ. मोहन यादव जी, हमारी माँग स्पष्ट है कि जिन सभी परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उन्हें एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और इंदौर के महापौर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार सच्चाई से डरी हुई है और विपक्ष को पीड़ितों से मिलने से रोक रही है। संविधान के आर्टिकल 19(1)(d) का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हर नागरिक को देश में कहीं भी आने-जाने का अधिकार है, लेकिन सरकार इस अधिकार का उल्लंघन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भागीरथपुरा चौराहे पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। हालांकि, बाद में जिला प्रशासन ने केवल 11 कांग्रेस नेताओं को ही पीड़ित परिवारों से मिलने की अनुमति दी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, "सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण इन लोगों ने गंदा पानी पीने से अपनों को खो दिया है। इससे ज्यादा दुख की बात और कुछ नहीं हो सकती। क्या ऐसे ही मासूम लोग प्रदेश में BJP के भ्रष्टाचार का शिकार होते रहेंगे? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, हमारी मांग साफ है: जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और इंदौर के मेयर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।" जीतू पटवारी ने कहा, "हमने एक कमेटी बनाई है जो ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ एक्शन लेगी। मरने वालों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री को दोषियों के खिलाफ़ FIR दर्ज करानी चाहिए और बदतमीज़ी करने वाले मंत्री का इस्तीफ़ा मांगना चाहिए।"
कांग्रेस ने 11 जनवरी को होने वाली "न्याय यात्रा" की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए राऊ विधानसभा में मीटिंग की थी। मीटिंग में AICC की नेशनल सेक्रेटरी उषा नायडू और इंदौर ग्रामीण ज़िला प्रेसिडेंट विपिन वानखेड़े समेत सीनियर नेता मौजूद थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूरा इंदौर पीने के पानी में ज़हर मिलाने के लिए मोहन सरकार को ज़िम्मेदार ठहराने को तैयार है।
एक पीड़ित ने कहा, "एक हत्या के लिए उम्रकैद का प्रोविज़न है, लेकिन इंदौर में 20 से ज़्यादा मौतें होने के बावजूद ज़िम्मेदार लोग पद पर बने हुए हैं।" BJP सरकार पर लापरवाही और करप्शन का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि 20 से ज़्यादा मौतों के बाद भी BJP नेता इस्तीफ़ा देने को तैयार नहीं हैं।
पुराण डेस्क