संसद का बजट सत्र 13 दिन के ब्रेक के बाद 16 अप्रैल से फिर शुरू होगा। ताकि लोकसभा सीटों की संख्या 816 करने से संबंधित विधेयकों को पारित किया जा सके और महिलाओं के आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू किया जा सके।
सरकार ने यह फैसला गुरुवार को लिया। 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50% की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। उसी दौरान इस बिल को आधिकारिक रूप से ह्यनारी शक्ति वंदन अधिनियम कहा गया।
सरकारी कैलेंडर के अनुसार, सदन को गुरुवार (2 अप्रैल) को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाना था। बजट सत्र में कामकाज दो फेज में हुआ। पहला फेज- 31 जनवरी से 13 फरवरी और दूसरा फेज 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक तय था।
महिला आरक्षण कानून संविधान के 106वें संशोधन के रूप में पास हुआ
2023 में महिला आरक्षण कानून संविधान के 106वें संशोधन के रूप में पास हुआ था। इसके तहत महिला आरक्षण नई जनगणना के बाद लागू होना है। अब सरकार का प्रस्ताव है कि नई जनगणना का इंतजार करने की बजाय 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन किया जाए। इससे प्रोसेस तय समय पर पूरी हो सकेगी और आरक्षण लागू किया जा सकेगा।
पुराण डेस्क