नीट यूजी पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीबीआई ने अदालत को बताया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने एनटीए के एक अधिकारी के साथ मिलकर गहरी साजिश रची थी। 14 मई को गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा संजय वाघमारे और 15 मई को पकड़े गए केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी ने पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, मनीषा वाघमारे को 27 अप्रैल को ही परीक्षा के प्रश्न पत्र और उनके उत्तर मिल गए थे। इसके बाद उसने ये सवाल अहमदनगर से गिरफ्तार किए गए धनंजय लोखंडे और अन्य आरोपियों को लाखों रुपये लेकर बेच दिए। वहीं एक और बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि नीट-26 के लिए फाइनल हुए पेपर के दोनों सेट प्रिंट होने से पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से लीक हो गए थे। एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि जो पेपर 3 मई को परीक्षा में आया और जो रिजर्व में रखा गया था, दोनों के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक (गेस पेपर) में थे।
प्रोफेसरों ने बांटे सब्जेक्ट, फिजिक्स के पेपर में भी खेला
असिस्टेंट प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने केमिस्ट्री और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने बायोलॉजी के सवाल एनटीए से चोरी किए। दोनों पेपर बनाने वाली एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे। सीबीआई को इसी पैटर्न पर फिजिक्स के भी कुछ सवाल लीक होने के सबूत मिले हैं और एजेंसी ने संदिग्ध की पहचान कर ली है। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि जिस क्वेश्चन बैंक की कई राज्यों में खरीद-फरोख्त हुई, उसे पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने मिलकर तैयार किया था। इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल एनटीए की ओर से प्रिंट करवाए गए पेपर के दोनों सेट से लिए गए थे। चूंकि इनमें से एक पेपर परीक्षा में आया, इसलिए बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल हूबहू क्वेश्चन बैंक से मैच कर गए।
बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधार का रोल
इस मामले में सीबीआई ने शनिवार को बायोलॉजी की लेक्चरर मनीषा मांढरे को भी गिरफ्तार कर लिया है। मनीषा मांढरे एनटीए की उस खास कमेटी का हिस्सा थीं जो नीट का पेपर तैयार करती है। सीबीआई के अनुसार, मंधारे की बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पूरी पहुंच थी। उसने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पुणे स्थित अपने घर पर बच्चों के लिए विशेष कोचिंग क्लास लगाई थी। इस क्लास में उसने बच्चों से लाखों रुपये की फीस लेकर लीक हुए सवाल और उनके जवाब रटाए थे। जांच में पाया गया कि ये सभी सवाल 3 मई को हुई असली परीक्षा में बिल्कुल वैसे ही आए थे।
पुराण डेस्क