भोपाल: राजधानी की नाक के नीचे, रायसेन रोड के सुनसान और घने इलाकों में नए साल के स्वागत के नाम पर 'नर्क' परोसने की पूरी तैयारी हो चुकी है। 'The After Ritual' नाम का यह आयोजन कोई जश्न नहीं, बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाने और युवाओं को मौत के दलदल में धकेलने का एक भयानक षड्यंत्र है।
ऑर्गेनाइजर के भेष में मौत का सौदागर
इस पूरे काले कारनामे के पीछे वह शातिर पार्टी ऑर्गेनाइजर है, जो शहर के रसूखदार क्लबों में अपनी पैठ का फायदा उठाकर 'आफ्टर पार्टी' का काला कारोबार चलाता है। यह शख्स खुद को कानून से ऊपर समझता है और इस बार इसने AFter ritual के नाम से मौत की इस महफिल को सजाने का जिम्मा लिया है। सवाल यह उठता है कि एक पार्टी ऑर्गेनाइजर की इतनी हिम्मत कैसे हुई कि वह खुलेआम ड्रग्स और नशे की पार्टी को 'Ritual' (अनुष्ठान) का नाम देकर प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहा है?
रात 1:30 से सुबह तक ‘नशे का तांडव’
जब पूरा शहर नए साल की पहली नींद सो रहा होगा, तब रात 1:30 बजे रायसेन रोड के गुप्त ठिकानों पर यह गंदा खेल शुरू होगा। बिना किसी सरकारी लाइसेंस और बिना किसी डर के, यह पार्टी सुबह 7:30 बजे तक चलेगी। सूत्रों की मानें तो यहाँ 'इनवाइट-ओनली' के पर्दे के पीछे ड्रग्स, चरस और गांजे का खुला व्यापार होना है। 'सीक्रेट लोकेशन' और 'सीक्रेट गैदरिंग' का नाटक सिर्फ इसलिए किया गया है ताकि पुलिस की नजरों से बचकर युवाओं की रगों में जहर घोला जा सके।
सोया हुआ प्रशासन और खुला खतरा
क्या रायसेन रोड की पुलिस और आबकारी विभाग ने आंखों पर पट्टी बांध ली है? एक ऑर्गेनाइजर सोशल मीडिया पर खुलेआम पोस्टर बांटकर नशे का निमंत्रण दे रहा है और प्रशासन को खबर तक नहीं? अगर वक्त रहते इस 'आफ्टर रिचुअल' को नहीं रोका गया, तो नए साल की पहली सुबह भोपाल के लिए बेहद शर्मनाक होगी।
डॉ. नवीन आनंद जोशी