भोपाल: मप्र में ठंड के मौसम में सक्रिय शिकारी गिरोह और बढ़ते हादसों के चलते वन विभाग ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-2 शुरू करने जा रहा है। यह अभियान 10 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। इस ऑपरेशन के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत बनाने और उनके लिए खतरा पैदा करने वाले लोगों की धरपकड़ की जाएगी।
मप्र में पिछले दो माह में वन्यजीवों के अवैध शिकार और दुर्घटनाओं में मौत की बढ़ती घटनाएँ चिंता का कारण बन गई हैं। इनमें सबसे बड़ी समस्या बिजली करंट, फंदे और लेग होल्ड ट्रैप जैसे तरीकों शामिल हैं। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2014 से 2025 के बीच अवैध शिकार और बिजली करंट से जुड़े 933 केस दर्ज हुए हैं। इनमें 322 सांभर, 118 नीलगाय, 101 तेंदुए, 82 मोर और 39 भालुओं समेत कई वन्यजीवों की मौत हुई है। पिछले साल वर्ष 2024 में 1 दिसंबर से 31 जनवरी 2025 तक ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-1 चलाया गया था, जिसमें शिकारियों और उनके मददगारों के खिलाफ 931 केस दर्ज किए गए थे। 429 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद प्रदेश में वन्यजीवों के मौत की घटनाएं कम हुई थीं, लेकिन फिर से बढ़ी हुई घटनाओं को देखते हुए वन बल प्रमुख विजय कुमार अंबाड़े ने सभी टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी प्रबंधन को ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप के तहत जंगल में निगरानी बढ़ाने के लिए गश्ती और छापामार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के दौरान उन वन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जिनकी लापरवाही के कारण वन्यजीवों की हादसों में मौत हुई है। गौरतलब है कि हर साल प्रदेश में दिसंबर और जनवरी के महीने में ठंड के कारण गश्ती और पेट्रोलिंग में लापरवाही होती है, जिसका फायदा उठाकर शिकारी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
गणेश पाण्डेय