Santaan Saptami 2025: सनातन धर्म में संत सप्तमी व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपनी संतान की सलामती और सुरक्षा के लिए व्रत रखती हैं। साथ ही शिव-पार्वती की पूजा भी करती हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, संत सप्तमी व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। इस बार यह व्रत कब रखा जाएगा?
आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी कुछ खास बातें।
हिंदू पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि 29 अगस्त को रात 8:21 बजे शुरू होगी। वहीं, 30 अगस्त को रात 10:46 बजे समाप्त होगी। ऐसे में, संतान सप्तमी व्रत 30 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा।
संतान सप्तमी पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। भगवान शिव और माता पार्वती के सामने व्रत का संकल्प लें। एक पाटे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर शिव परिवार की मूर्ति स्थापित करें। एक पात्र में जल भरकर उस पर नारियल और आम के पत्ते रखें।
देसी घी का दीपक जलाएँ और पुष्प, चावल, सुपारी आदि अर्पित करें। भगवान शिव और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करें। भोग प्रसाद के रूप में पुए और खीर का भोग लगाएँ।
व्रत रखने वाले व्यक्ति को संत सप्तमी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए और फिर आरती के साथ पूजा पूरी करनी चाहिए। पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करें और बड़ों का आशीर्वाद लें। अगले दिन प्रसाद खाकर व्रत खोलें।
पूजन मंत्र
ॐ पार्वतीपतये नम:।।
• देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
पुत्र-पौत्रादि समृद्धि देहि में परमेश्वरी।।
• ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।।
• ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।