एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी कैसे बने? सबसे ऊँचा बनने का सबसे अचूक फार्मूला

एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी कैसे बने? सबसे ऊँचा बनने का सबसे अचूक फार्मूला

Successful writer

एक ऐसी चीज, एक ऐसी क्वालिटी जो आपको बहुत सक्सेसफुल बना सकती है, जानते हैं वह क्या है?
“द 1 थिंग” आपने बचपन में मैग्नीफाइंग ग्लास से कागज तो जरूर जलाएं होंगे? 
ऐसा क्या होता है कि आप सूरज की रोशनी को उस क्लास से गुजारते हैं और नीचे रखा हुआ कागज जलने लगता है?
आपको क्या लगता है कि मैग्नीफाइंग ग्लास ने क्या किया? क्या उसने सूरज की रोशनी को बढ़ा दिया? 

 

बिल्कुल नहीं!

 

सिर्फ सारी एनर्जी को एक जगह पर फोकस कर दिया|
आज तक इतिहास में जो भी लोग सक्सेसफुल हुए हैं, महान बने हैं, अमीर बने हैं, उन्होंने यही किया है, उन्होंने सारी ऊर्जा को एकत्रित करके अपने टारगेट पर फोकस कर दिया|
जब तक हम, एक इंपॉर्टेंट थिंग, जो हमारी लाइफ को पूरी तरह चेंज कर देती है, उस पर पूरी तरह फोकस न करें, तब तक हम सक्सेसफुल नहीं हो सकते|
हम सबसे बड़ी गलती मल्टीटास्किंग बन कर करते हैं|
एक समय में एक महत्वपूर्ण कार्य को लेकर उस पर पूरी तरह फोकस करना ही सफलता की की है|
हम हर क्वालिटी को अचीव कर सकते हैं, लेकिन उस क्वालिटी को अचीव करने के लिए हमें उस पर फोकस करना पड़ेगा|
हम सोचते हैं कि हम किसी चीज के लायक नहीं है, लेकिन हम यह नहीं देखते क्या हम उस चीज पर पूरी तरह से एकाग्र चित्त हैं?
सचिन तेंदुलकर को देखिए, उन्होंने 11 साल से क्रिकेट खेलना शुरू किया और 10000 घंटे  देने के बाद ही उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में कमाल किया|
ए आर रहमान ने  बचपन से ही म्यूजिक  पर फोकस किया और ऑस्कर अवॉर्ड हासिल किया 
यदि एआर रहमान बचपन से आधा समय किसी क्रिकेट को आधा समय म्यूजिक को देते तो क्या वह इतने सक्सेसफुल हो सकते थे? 
वैसे ही यदि सचिन तेंदुलकर, यदि 4 घंटे  क्रिकेट और 4 घंटे म्यूजिक में देते तो क्या सचिन तेंदुलकर का आज क्रिकेट का इतना बड़ा नाम हो सकता था|
ऐसे ही यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो अपना सारा ध्यान फाइनेंस में एजुकेट करने पर लगाइए|
जब तक आप फाइनेंस के  बारीक सूत्र नहीं पकड़ लेते तब तक आप आम इंसान से अमीर इंसान नहीं बन सकते हैं|
पैसा कैसे कमाना है, उसे कैसे इन्वेस्ट करना है, ऐसे अनेक छोटे-छोटे सूत्र हैं जो अमीर बनने के लिए जरूरी होते हैं|
सारा टाइम अमीरी और अमीरी के सूत्र सीखने में लगाएं, किसी अमीर व्यक्ति के जीवन को पढ़ें, उसके विचार सुने|

 

एक लड़की जो एक गंभीर बीमारी की वजह से अपंग हो गई थी वह उदास हो गई क्योंकि वह दुनिया की सबसे तेज दौड़ने वाली लड़की  बनना चाहती थी|  
उसकी मां ने उसे यकीन दिलाया कि वह कर सकती है जो चाहे वह बन सकती है|
धीरे-धीरे उसने अपनी व्हीलचेयर छोड़ दी और चलने लगी|
वह कई बार गिरी लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी|
उसने अपनी सारी एनर्जी अपने एक सपने धाविका बनने लगा दी| चलने के लायक हुई तब वह एक कोच से मिली, उसने कोच को अपना सपना बताया,  कोच ने कहा यदि तुम्हारा सपना सबसे तेज दौड़ने वाली लड़की बनने का है, तो तुम्हें बनने से कोई नहीं रोक सकता| मैं भी तुम्हारी मदद करूंगा|
वो धीरे-धीरे दौड़ने लगी| छोटी-छोटी रेस में भागने लगी| वह हारने लगी|
लेकिन हारते हारते एक समय ऐसा आया कि वह जीतना शुरू हो गया|
इस अपंग लड़की ने एक दिन एक ऐसे खिलाड़ी को हरा दिया जिसको हराना नामुमकिन था|
उसने तीन गोल्ड मेडल जीते|
एक अपंग लड़की जिसे डॉक्टर ने चलने से मना कर दिया था वह दुनिया कि सबसे तेज दौड़ने वाली लड़की बन गई|
इस लड़की का नाम है “विल्मा रूडोल्फ”
इसी तरह आप भी किसी क्षेत्र में कमाल दिखाना चाहते हैं, तो सबसे पहले उस क्षेत्र का चुनाव करें, और अपनी पूरी ताकत उसी में लगा दे, लोग कुछ भी बोले लेकिन आप हताश ना हो, और उस क्षेत्र में सफलता पाने के लिए दिन रात एक कर दें, आपका सपना जरूर पूरा होगा|

 


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