होर्मुज पर यूएन में वोटिंग टली, ईरान ने कहा-सरेंडर करें दुश्मन


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स्टोरी हाइलाइट्स

ईरान की सेना ने साफ कहा है कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक उसके दुश्मन सरेंडर नहीं करते..!!

ट्रम्प ने कहा है कि अगर वह ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करने का फैसला लेते हैं, तो इजराइल भी उनके कहने पर तुरंत हमला रोक देगा। उन्होंने टाइम मैगजीन से बातचीत में कहा कि वे वही करेंगे जो मैं कहूंगा। वे अच्छे सहयोगी रहे हैं। जब मैं रुकूंगा, तो वे भी रुक जाएंगे। अगर उन्हें उकसाया नहीं गया, तो वे जरूर रुकेंगे।

टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के पास ट्रम्प के समर्थन के बिना ज्यादा विकल्प नहीं हैं। दूसरी ओर ईरान की सेना ने साफ कहा है कि यह युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक उसके दुश्मन सरेंडर नहीं करते।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आज यानी शुक्रवार को बहरीन के प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी, लेकिन अब वोटिंग टल गई है। इस प्रस्ताव में देशों को होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित के जरूरी सभी कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है। बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा कि इसका मकसद दुनिया के बाजार को सुरक्षित रखना और सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक में रुकावट को रोकना है।

भारत बोला- हम अकेले जिसने होर्मुज में नाविक खोए

ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे। भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।

होर्मुज में ओमान के जहाज तय रास्ते से हटकर गुजर रहे

होर्मुज स्ट्रेट में ओमान के तीन जहाज ईरान के तय किए गए कॉरिडोर के बाहर से गुजरते नजर आए हैं। यह जानकारी शिपिंग जर्नल लॉयड्स लिस्ट ने ट्रैकिंग डेटा के आधार पर दी है। इस काफिले में दो बड़े तेल टैंकर और एक एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) ले जाने वाला जहाज शामिल है। 

रिपोर्ट के अनुसार, ये जहाज ओमान के तट के काफी करीब से गुजर रहे हैं। अगर ये जहाज सफलतापूर्वक स्ट्रेट पार कर लेते हैं, तो यह लगभग तीन हफ्तों में पहली बार होगा जब कोई ट्रैक किए जा रहे जहाज (जिनका ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम चालू है) ईरान के तय रास्ते का इस्तेमाल किए बिना इस रास्ते से बाहर निकलेगा।