महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रेश में जान गंवाने के बाद उनको अंतिम विदाई दे दी गई। अंतिम संस्कार के बाद, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी का एक बड़ा गुट चाहता है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी प्रेसिडेंट और विधायक दल का नेता बनाया जाए। हालांकि, अगर टेक्निकल दिक्कतें या राजनीतिक समीकरणों के चलते पुराने नेता प्रफुल्ल पटेल को यह ज़िम्मेदारी मिलने के सबसे ज़्यादा चांस हैं।
अजित पवार के सपोर्टर चाहते हैं कि उनकी विरासत उनके परिवार में ही रहे। सुनेत्रा पवार अभी राज्यसभा मेंबर हैं और पार्टी वर्कर्स के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। कुछ नेताओं ने तो यह भी कहा है कि उन्हें महाराष्ट्र का अगला डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाया जाना चाहिए। हालांकि, मुश्किल पॉलिटिकल हालात को देखते हुए, पार्टी का एक हिस्सा एक अनुभवी कैंडिडेट की तलाश में है।
अगर सुनेत्रा पवार पर आम सहमति नहीं बनती है, तो प्रफुल्ल पटेल सबसे मजबूत ऑप्शन हैं। कई खास फैक्टर उनके पक्ष में काम कर रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल को राजनीति का 'ट्रबलशूटर' माना जाता है। जब एनसीपी में फूट पड़ी थी तब कानूनी पेचीदगियों और चुनाव आयोग की लड़ाई को पर्दे के पीछे से उन्होंने ही संभाला था। शरद पवार के करीबी रहने के कारण वे उनके हर दांव की काट बखूबी जानते हैं।
UPA सरकार में सिविल एविएशन मिनिस्टर रहे पटेल के सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं से कनेक्शन हैं। BJP लीडरशिप के साथ उनके अच्छे रिश्तों ने NDA में अजित पवार गुट को प्रासंगिक बनाए रखा। चार बार लोकसभा और छह बार राज्यसभा सांसद रहे पटेल के पास अनुभव का लंबी पारी है। उन्हें 2005 में एविएशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर जैसे सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। चुनावों के दौरान रिसोर्स जुटाने से लेकर गठबंधन के साथियों के साथ मुश्किल डील करने तक, पटेल को इस खेल का मास्टर माना जाता है।
बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार 28 जनवरी की सुबह हुए प्लेन क्रैश में डिप्टी CM अजित पवार और पांच अन्य लोगों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब पवार और अन्य लोगों को ले जा रहा प्लेन बारामती के पास लैंड कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, NCP चीफ अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए निकले थे, जहां उन्हें 5 फरवरी को होने वाले डिस्ट्रिक्ट काउंसिल चुनाव के सिलसिले में रैलियों को संबोधित करना था। अजित पवार की अचानक मौत से NCP में शोक की लहर है, और यह सवाल भी उठ रहा है कि अब NCP की कमान कौन संभालेगा?
बहरहाल NCP के सामने सबसे बड़ी चुनौती शरद पवार के असर का मुकाबला करना और आने वाले चुनावों में अपनी साख बनाए रखना है। पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं का मानना है कि प्रफुल्ल पटेल जैसा अनुभवी नेता ही महाराष्ट्र के मुश्किल राजनीतिक हालात में पार्टी को आगे बढ़ा सकता है। फिलहाल, गेंद पार्टी की कोर कमेटी के पाले में है। NCP भावनात्मक फैसला लेकर सुनेत्रा पवार को चुनेगी या अनुभव को, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
पुराण डेस्क