प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंत्रिपरिषद की अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार के कामकाज, आगामी चुनावी रणनीति और कुछ मंत्रालयों में बदलाव को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि कई मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है। जून के दूसरे सप्ताह में यह विस्तार होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और उसके आर्थिक असर का मुद्दा भी उठा सकते हें। सूत्रों ने बताया कि पीएम मंत्रालयों निर्देश दे सकते हैं कि वे नागरिकों को होने वाली असुविधा को कम करने करने का प्रयास करें और प्रभावित क्षेत्रों पर पड़ने वाले असर को घटाने के लिए जरूरी कदम उठाएं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री इस बैठक में शामिल होंगे।
राजनीतिक महत्व
बैठक का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि यह पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम के हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा-एनडीए की जीत और सरकार बनने के बाद हो रही है. के शानदार प्रदर्शन के बाद हो रही है।
रिफॉर्म एक्सप्रेस
इस बैठक का फोकस सभी क्षेत्रों में ऐसे सुधार भी हो सकता है, जिनका मकसद आम लोगों को फायदा पहुंचाना है. पीएम मोदी ने अगले 10 वर्षों के लिए सुधार की प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश की है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि उनकी सरकार की रिफॉर्म एक्सप्रेस ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है और आम नागरिकों को काफी हद तक फायदा पहुंचाया है.
पुराण डेस्क